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Obsolete version
जो आपकी सुविधाओं के पीछे दुविधा को जो आपकी आत्मनिर्भरता के पीछे की अस्थिरता को आपके सुखों में बसे अनवरत सघंर्ष को आपके रूखेपन मे लुटी हुयी मधुरता को आपकी आशकांओं को आपकी कठोरता में तब्दील सरलता को आंक ना सके आंखो ही आंखो में भांप ना सके दर्द से तुम्हारे कांप ना सके जो कर्म क्षेत्र का साथी ना हो जो आपकी मुश्किलो पर हावी ना हो जो बिन आपके व्याकुल ना हो जिसके जीवन की एक आप ही मंजिल ना हो Forwarded message आधारित ऐसे whatsaapia प्रेम के इस नये दौर में खुद को update रखिये वास्तविक सहयोग को पहचानिये वरना virtual life के भ्रम मे Real life एक obsolete version बन जायेगी॥

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