Nihshabd
खामोश रहना, हर बात का समर्थन नहीं होता
विरोध का साहस सबमे नहीं होता
कोई आपके आस पास अगर ऐसा है जो कम बोलता है बहुत सख्त है या जिसे हम लोग कहते हैं कि rude , घमंडी और मनमानी करने वाला है, तो निश्चित है की वो एकाकी है
जिसके शब्द सब को चुभ जाते हो उसका जीवन प्रेम की स्निग्धता से भीगा नहीं है
जीवन के अधूरेपन के साथ जी रहा है वो
डिप्रेशन का शिकार भी हो सकता है
किसी अपने के शब्द ही हैं जो मौत के मुँह से भी बाहर निकाल सकते है बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना करने की हिम्मत दे सकते हैं किसी भी विपरीत परिस्थिति में हौसला बढ़ा सकते हैं
शब्दों को लापरवाही से तनहा मत छोड़िये
उनको अपनी जुबान का साथ दीजिये
और शब्दों को सिर्फ शब्द मत समझिये, बेकार निरुद्देश्य नहीं हैं ये
अर्थहीन और कर्महीन भी हो, तो भी शब्दहीन मत बनिए
शब्दों की छोटी छोटी कीलें भी भावनाओं के डूबते जहाज़ का बोझ उठा सकती है।
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